भारतीय गणराज्य एक ऐसे क्षण में जन्म लिया जब उपमहाद्वीप ने अपनी आज़ादी की लड़ाई जीती थी। 1947 से अब तक, हमने सात दशक से अधिक का सफर तय किया है — साम्राज्य के अंत से लेकर लोकतान्त्रिक गणराज्य की स्थापना तक, हमारी पहचान हमेशा「सत्यमेव जयते」की नींव पर टिकी रही।
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26 जनवरी
भारतीय गणराज्य संवैधानिक लोकतंत्र है जिसमें संसदीय प्रणाली, स्वतंत्र न्यायपालिका और संघीय संरचना का संयोजन है।
भारत का संवैधानिक राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों का सर्वोच्च सेनापति। राष्ट्रपति का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है। यह एक सम्मानीय पद है जिसमें वास्तविक कार्यपालिका शक्ति प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के पास होती है।
सरकार का प्रमुख और कार्यपालिका की वास्तविक शक्ति। लोकसभा में बहुमत वाली पार्टी का नेता प्रधानमंत्री बनता है। भारत की राजनीति में यह पद सबसे शक्तिशाली माना जाता है।
संसद का निम्न सदन, सीधे जनता द्वारा चुनी जाती है। 543 निर्वाचन क्षेत्रों से सदस्य चुने जाते हैं। लोकसभा ही वह मंच है जहाँ भारत की सबसे बड़ी लोकतान्त्रिक परीक्षा हर पांच साल में होती है।
संसद का ऊपरी सदन, राज्यों का प्रतिनिधित्व। 245 सदस्य — 233 राज्यों द्वारा चुने गए, 12 राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त।
भारत की उच्चतम न्यायपालिका, 34 न्यायाधीशों सहित। संवैधानिक मुद्दों और मौलिक अधिकारों की रक्षा करती है। भारत की न्यायपालिका इतनी सक्रिय है कि सरकार की नीतियों पर भी न्यायालय की नजर रहती है।
स्वतंत्र संवैधानिक प्राधिकरण जो सभी राष्ट्रीय और राज्य चुनावों का प्रबंधन करता है। भारत का निर्वाचन आयोग इतना शक्तिशाली है कि चुनावी मशीनरी चलाने के लिए पूरे देश में लाखों कर्मचारियों को तैनात करना पड़ता है।
भारत की लोकतान्त्रिक संरचना में कई स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाएँ काम करती हैं जो एक-दूसरे को संतुलित करती हैं।
भारत के राष्ट्रपति का कार्यालय और निवास। 340 कक्षों वाली यह इमारत ब्रिटिश शासनकाल में व्हाइटहॉल के रूप में जानी जाती थी। आज यहाँ रहने वाला राष्ट्रपति दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश का सम्माननीय प्रमुख है।
भारत सरकार के 36 मंत्रालय और 58 विभाग। हर मंत्रालय का एक मंत्री होता है जो कभी-कभी अपना काम भी करता है और कभी-कभी सिर्फ सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता है।
भारत के 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश। हर राज्य की अपनी भाषा, संस्कृति और राजनीति है। यहीं सबसे दिलचस्प राजनीतिक नाटक देखने को मिलते हैं।
केसरिया, सफेद और हरे रंग का तिरंगा। अशोक चक्र नीले रंग का है — 24 तीलियों वाला। दुनिया का सबसे प्रसिद्ध तिरंगा जिसके बारे में हर भारतीय बचपन से जानता है।
अशोक चक्र के साथ चार सिंह वाला प्रतीक। इसका उपयोग सरकारी दस्तावेजों और सिक्कों पर होता है। असल में यही वह प्रतीक है जो हर भारतीय आधार कार्ड पर दिखाई देता है।
「सत्यमेव जयते」 — केवल सत्य की ही जीत होती है। यही नारा हर सरकारी संस्था और दस्तावेज़ पर अंग्रेजी और देवनागरी में अंकित है।
1947 की आजादी से अब तक, भारत ने कई मुकाम पार किए हैं — और कई नए भी खड़े किए हैं।
भारत की सेना दुनिया की सबसे बड़ी स्वैच्छिक सेनाओं में से एक है और तीन मुख्य शाखाओं में विभाजित है।
दुनिया की सबसे बड़ी स्वैच्छिक थल सेना। लगभग 12 लाख सक्रिय कर्मी। पाकिस्तान और चीन दोनों की सीमाओं पर तैनात।
हिंद महासागर में प्रमुख शक्ति। दो विमान वाहक पोत और एक से अधिक सबमरीन बेड।
एशिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना। सुखोई, राफेल और मिग विमानों का बेड़।
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